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Reborn for revenge

एक घने जंगल के बीचो-बीच एक लड़की भागे जा रही थी वह दिखने में सुंदर थी उसकी उम्र 24 साल के आसपास की होगी उसके काले बाल उसके कमर से थोड़े ऊपर थे उसकी ब्राउन आंखें थी उसका कद 5.2 था वह इस वक्त काले कपड़े में बहुत खूबसूरत दिख रही थी उसके पीछे कुछ काले कपड़े पहने हुए लोग भाग रहे थे वह लोग बहुत खतरनाक दिख रहे थे।

वही ओ लड़की को कुछ होश नहीं था वह बस भागे जा रही थी उसने एक बार पीछे मुड़कर उन लोगों को देखा तभी वहां गोली चलने की आवाज सुनाई दी उन लोगों ने इस लड़की पर फायरिंग स्टार्ट कर दी ये देख उस लड़की ने अपने हाथ को अपने पीछे टांगे बैग पर रखा और तेजी से कभी इधर तो कभी उधर होकर भागने लगे जिससे उन लोगों का सही निशाना नहीं लग रहा था।

ये देख वह लड़की टेड़ी मुस्कुराई और तेजी से भागते-भागते वह जंगल के किनारे आ गई थी जिसके नीचे बहुत बड़ी खाई थी अगर कोई उसमे गिरे तो जिंदा तो नहीं बचे उस लड़की ने खाई को देख अपने कदम पीछे लेने चाहे लेकिन ले ना सकी क्योंकि उसके सामने वह खतरनाक लोग खड़े थे वह उन्हें देख पीछे हो गयी उसकी पकड़ अपने बैग पर कश गई थी यह देख वह लोग हंसने लगे।

तभी वहां एक लड़के की आवाज आई' अब कहां भागोगी आगे रास्ता नहीं है अब कहां जाओगी' ये आवाज सुन उस लड़की ने देखा तो सामने एक लड़का और लड़की खड़े थे।लड़के ने ब्लैक बिजनेस सूट और लड़की ने पर्पल बिजनेस सूट पहना हुआ था। उन लोगों के चेहरे पर मक्कारी से भरी मुस्कान थे जिसे देख उस लड़की को गुस्सा आया आखिर इन दोनों की वजह से ही तो वह इस जंगल में भागती फिर रही है।

वह दोनों आगे आए और वह बिजनेस सूट पहनी हुई। लड़की उस लड़की से बोली प्रियांशी उसे हमारे हवाले कर दो वरना वह लड़की यानी कि प्रियांशी कभी नहीं मर जाऊंगी लेकिन तुम जैसे धोखेबाजों को तो बिल्कुल नहीं दूंगी जिसने मेरी पीठ पीछे छुरा घोपा हो।

लड़का हमने तुम्हें कोई धोखा नहीं दिया है तुम्हें भी मौका दिया था हमारे साथ मिल जाओ तो यू भागना ना पड़ता लड़की अभी भी मौका है वह बैग हमें दे दो प्रियांशी कभी नहीं लड़की तुम इतनी जिद्दी क्यों हो प्रियांशी अब तुम्हारे इसी जिद की वजह से तुम मरोगी प्रियांशी अपने देश को बचाने के खातिर प्रियांशी मेहता को मरना मंजूर है लेकिन गद्दारी करना नहीं समझे।

लड़की 'तुम क्यों नहीं समझती हो इस देश के लिए मर कर तुम्हे कुछ नहीं मिलेगा अगर हमारे साथ आती तो पैसो की बारिश हो जाती'।

लड़का लेकिन कोइ बात नहीं अगर तुम्हे नहीं आना है तो वैसे भी पैसे हम दोनों बाट चुके है और अब तुम्हारा मरना ही बेहतर है ये बोल वो लड़का और लड़की हसने लग गए।

प्रियांशी नेहा और समर तुम दोनों को बिलकुल भी शर्म नहीं आती अपने देश को बर्बाद करने के लिए पैसे लेते हुए।

वो लड़का और लड़की यानि नेहा और समर एक साथ बोले "बिलकुल भी नहीं " प्रियांशी को इन लोगो पर बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन वो गुस्से मे कोइ गलत कदम उठाने वालो मे से नहीं थी वो जो करती थी सोच समझ के करती थी जिससे गलती की कोइ गुंजाइस नहीं रहे लेकिन उससे एक गलती हो गयी उसने इन लोगो से दोस्ती कर सही नहीं किया वो अपनी यादो मे खो गयी।

प्रियांशी मेहता एक चुलबुली शरारती लड़की थी लेकिन 15 साल की प्रियांशी के सर से मां-बाप का साया उठ गया रिश्तेदार तो कई थे लेकिन कोई उसे साथ ले जाने को तैयार नहीं था लेकिन उसके पिता की दोस्त आए और उसे अपने साथ ले गए और वह चली गई वहां उसकी मुलाकात नेहा और समर से हुई क्योंकि वो उन्हीं के बच्चे थे जिनके साथ हो गई थी उसके माता-पिता और उनके दोस्त आर्मी में थे उन्हें देखकर उसने भी आर्मी में जाने का मन बना लिया था वो उसकी तैयारी करने लगी उसकी दोस्ती भी नेहा और समर से हो चुकी थी वो दोनों भी बिजनेस में चले गए धीरे-धीरे वक्त बितता गया उन सब की आर्मी की ट्रेनिंग भी पूरी हो गई थी प्रियांशी सेल्फ डिफेन्स और फाइटिंग स्किल्स मे माहिर थी जबकि प्रियांशी मेहता इन सभी स्किल्स के साथ वेपनस बनाने का भी काम करती थी उसने ऐसे ऐसे वेपनस बनाएं जिससे किसी को भी आसानी से हराया जा सके और ये ही उसके लिए गलत साबित हुआ कई बार उसके सीक्रेट चोरी करने की कोशिश की गई लेकिन उन सब को हार मिली लेकिन कहते हैं ना दुश्मनों को हराया जा सकता है लेकिन अपनों के भेष में दुश्मन को नहीं हराया जा सकता वो ही प्रियांशी के साथ हुआ पैसों के लालच में नेहा और समर उसके द्वारा बनाया गया नया हथियार जिसे हम आसानी से कई लोगों को मार सकते हैं उसका सौदा उस इंसान से कर दिया जो उसके देशवासियों को ही खत्म करना चाहता था लेकिन प्रियांशी के होते हुए ऐसा ना हो सका प्रियांशी ने उस वेपंस को डिस्ट्रॉय कर दिया लेकिन उसे बनाने की जानकारी को खत्म करने से पहले ही उन लोगों को इस बात की खबर हो गयी जिसकी वजह से प्रियांशी को उसकी जानकारी को लेकर वहां से भागना पड़ा वो पिछले दो दिन से उस जंगल में भटक रही है इनसे बचने के लिए लेकिन पता नहीं इनको इसके यहां छुपे होने की खबर कैसे मिल गई और वो उसका पीछा करते यहां तक पहुंच गए लेकिन वो फिर भी भाग निकली लेकिन वो अनजाने में ही गलत रास्ते आ गई जिससे ना हो पीछे हट सकती थी ना आगे बढ़ सकती थी उसे खोये हुए देखकर नेहा ने उन गुंडो को ऑर्डर दिया कि इस लड़की से वो बैग लेकर आओ उसकी बात मान वो गुंडे आगे बड़े उन्हें देख प्रियांशी सतर्क हो गई थी वो गुंडे प्रियांशी से वो बैग छीनते उससे पहले ही प्रियांशी उनसे बचने के लिए फाइट करने लग गई।

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